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भूमध्य रेखीय या विषुवत् रेखीय जलवायु प्रदेश की विशेषताएँ

 भूमध्य रेखीय या विषुवत् रेखीय जलवायु प्रदेश की विशेषताएँ  स्थिति एवं विस्तार (Location and Extent)- इस जलवायु का विस्तार 50-10 से अक्षांश तक विषुवत रेखा के दोनों ओर है। इस जलवायु का विस्तार कभी-कभी 15. 25° अक्षांश तक हो जाता है। दक्षिणी अमेरिका के उत्तर में अफ्रीका के मध्य में तथा दक्षिणी पूर्वी एशिया महाद्वीप भाग में इस प्रकार की जलवायु पायी जाती है।

जलवायु (Climate)- वर्षभर समान, उष्ण तथा तर जलवायु तापमान (Temperature) - सूर्य की किरणें वर्षभर सीधे पड़ने के कारण तापमान सदैव ऊँचा बना रहता है। औसत मासिक तापमान 18°C से अधिक रहता है। ऐसे भी स्थान हैं जहाँ औसत मासिक तापमान 24°C-27°C अंकित किया जाता है। इन क्षेत्रों में वार्षिक तापमान 2°-3°C से अधिक नहीं होता। दिन का अधिकतम तापमान 38°C से अधिक नहीं हो पाता है।

वायुदाब एवं पवन (Pressure and Wind) - यहाँ पवनों का संचार मंद गति से विभिन्न दिशाओं में होता है। ताप प्रवणता अधिक तापमान के कारण मंद होती है, जिस कारण वायुदाब प्रवणता भी कम होती है। पवन संचार प्रवणता की ढाल पर निर्भर करता है। अतः तीव्र प्रवणता में पवन संचार और मंद प्रवणता में मंद संचार होता है। यहाँ वायुमंडल में संवहन धाराएँ ऊपर-नीचे की ओर चलती रहती हैं जिस कारण वायुमण्डल शांत होता है।

वर्षा (Precipitation)- यहाँ पूरे वर्ष संवहनीय वर्षा होती है। इन प्रदेशों में औसत वार्षिक वर्षा का औसत 200 cm से अधिक है। इन प्रदेशों में आर्द्र हवाओं तथा स्थायी हवाओं की एक मोटी परत मिलती है। इन हवाओं के थोड़ा सा ऊपर उठने पर ही वायुमंडल में संवहन धाराएँ चलनी शुरू हो जाती हैं जो कपासी वर्षा मेघों का निर्माण बड़े स्तर पर करती हैं। इन पवनों से भारी वर्षा होती है। डोलड्रम पेटी में वर्षा मूसलाधार न होकर तड़ित झंझाओं द्वारा होती है। डोलड्रम पेटी में 75 से 150 दिन तक तड़ित झंझाओं की उत्पत्ति होती है, जिनसे इस पेटी में वर्षा होती है।

वनस्पति (Vegetation) - उष्णकटिबंधीय चौड़ी पत्ती वाले सदाबहार वन पाये जाते हैं। इन वर्षा वनों को 'सेल्वा' (Selva) वन कहते है। यहाँ वनों की विरलता वाले क्षेत्रों में लताएं, फर्न, आर्किड, काई तथा विभिन्न प्रजाति के पौधे पाये जाते हैं।

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